Date: 30-sep-09 |
Place: South Ex.II, Ring Road
We are ready for commonwealth games- "भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स, एक बेटी की शादी की तरह हैं, लेकिन मान्यवर मंत्री जी को इस बात का ख्याल रखना चाहिए की बेटी की शादी में पैसा बाप का खर्च होता है, न की आम जनता का,
ये पैसा किसी के बाप का नहीं है और इस पैसे का हिसाब किताब उन्हें जनता को देना होगा की यह पैसा कहाँ किस प्रकार खर्च किया गया। - "
विनोद दुआ" वरिष्ठ पत्रकार
कहीं वह महंगी गाड़ियों, कीमती शेरवानी, जेड श्रेणी सुरक्षा, पाँच सितारा होटलों, व्यावसायिक श्रेणी की हवाई यात्रा में तो खर्च किया नहीं जा रहा है।
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