Thursday, October 22, 2009

National Language: Delhi Development Authority


हिंदू राष्ट्र, हिन्दी भाषी -
अब क्या कह सकते हैं इस विषय में अपना ही सिक्का खोटा है। अपनी भाषा लिखने में गलती, चलो मान भी लिया जाए की लिखने वाला शक्स अनपढ़ था, तो इसे लगाने की अनुमति देने वाले किस वक्त की तनख्वाह ले रहे थे। मौका है आपके लिए राष्ट्रीय राजधानी के तीन सर्वश्रेष्ठ भ्रष्ट विभागों में से एक से साक्षात्कार का...
अभिनव सारस्वत

Wednesday, October 21, 2009

zebra crossing


I am using ZEBRA CROSSING do you! Time to learn lessons again..

मैं जेब्रा क्रॉसिंग का प्रयोग कर रहा हूँ, क्या आप भी मेरा साथ देंगे इस प्रयास में। धन्यवाद

निवेदक - अभिनव सारस्वत

Wednesday, October 14, 2009

Waste of Electricity!


दिल्ली में बिजली की भारी किल्लत!
Delhi can face heavy power cuts!

Wednesday, October 7, 2009

travel . transport . tax





























एक
अदद कॉमनवेल्थ खेलों की आवश्यकता अन्य राज्यों को भी है ताकि राज्य सरकार, केन्द्र सरकार एवं अन्तराष्ट्रीय संगठन भी मानव विकास, मानवाधिकारों के हनन और दैनिक जीवन की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित कर सके।

उत्तर प्रदेश स्थित कृष्ण जन्मस्थली मथुरा जहाँ पूरे भारतवर्ष से ही नहीं, अपितु पूरे विश्व से श्रद्धालुगण प्रत्येक वर्ष आते हैं और भ्रमण के लिए मथुरा शहर ही नहीं, गोकुल, बरसाना, वृन्दावन, नंदगाँव, कोकिलावन, बलदेव तथा अन्य एतिहासिक गाँव भी जाते हैं, साथ ही अन्य प्रमुख स्थल जैसे चौरासी खम्बा, रमन रेती आदि है।

मुख्य समस्याएं
- सड़कों का विकास, बिजली की अनिमियतता, पंडा लोगों का मन्दिर में आमिर वर्ग को वरीयता देना, मथुरा जिले के निवासियों का आने वाले श्रधालुओं के प्रति अभद्र व्यवहार आदि है। यह भी सर्वविदित है की उत्तर प्रदेश की आय एवं व्यापार का एक बड़ा हिस्सा मथुरा जिले से आता है।

सरकार
को इस समस्या के लिए कड़े कदम उठाने होंगे और साथ ही ध्यान रखना होगा मथुरा के सौंदर्य एवं साधारण जीवन शैली का जो आज भी समस्त विश्व के लोगो का आकर्षण है।

अभिनव सारस्वत

Wednesday, September 30, 2009

Jai ho @ Commonwealth...

















Date: 30-sep-09 | Place: South Ex.II, Ring Road
We are ready for commonwealth games- "भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स, एक बेटी की शादी की तरह हैं, लेकिन मान्यवर मंत्री जी को इस बात का ख्याल रखना चाहिए की बेटी की शादी में पैसा बाप का खर्च होता है, न की आम जनता का, ये पैसा किसी के बाप का नहीं है और इस पैसे का हिसाब किताब उन्हें जनता को देना होगा की यह पैसा कहाँ किस प्रकार खर्च किया गया। - "विनोद दुआ" वरिष्ठ पत्रकार
कहीं वह महंगी गाड़ियों, कीमती शेरवानी, जेड श्रेणी सुरक्षा, पाँच सितारा होटलों, व्यावसायिक श्रेणी की हवाई यात्रा में तो खर्च किया नहीं जा रहा है।

Sunday, September 27, 2009

burger vs roti















यहाँ
इस देश में एक आदमी कुछ कर सके या न कर सके लेकिन २-६ बच्चे जरूर पैदा कर सकता है... काश इस विषय पर कभी गंभीरता से सोचा होता तो ये भूख आज चाँद हिन्दुस्तानियों को दोनों हाथ फैलाने पर मजबूर न करती। अब दिल्ली, मुंबई में दानी और महान आत्माओं की कमी तो है नहीं। लेकिन देश के अन्य हिस्से जहाँ आम आदमी, किसान, गरीब वर्ग, भूख से आत्महत्या कर रहा है, या अपनी लड़की को बेचकर कर्ज या अन्य परिवारजनों की भूख मिटा रहा है, काश वहां भी कोई मसीहा होता जो अन्न की इस जरूरत को मिटा पाता लगता है कोई तरीका नहीं, कोई इलाज नहीं है इस बिमारी का... बस २ वक्त की रोटी,
२ वक्त की रोटी... जरूरत है।

Friday, September 25, 2009

Everyone is Hero...

जब एक सभ्य समाज का पढ़ा लिखा इंसान ऐसा उदाहरण देगा, तो आप गरीब वर्ग व अनपढ़ समाज से कैसे विकास, देशहित और सौहार्दपूर्ण व्यवहार की उम्मीद कर सकते हैं। अभी तो यह तबका दो वक्त की रोटी के लिए लड़ रहा है, ये कैसे समझ पायेगा सड़क पर चलने के नियम, तौर-तरीकों, सम्मान। एक बड़े स्तर पर देश नैतिक पतन की और बढ़ चुका है। सहारा बनिए अपने समाज का.....

stop Indians stop...

यहाँ बिना रोक-टोक या लाठीचार्ज के बिना कोई बात आम आदमी के दिमाग तक नहीं पहुचती। बस एक मौका मिल जाए, कहीं भी यू-टर्न, कहीं ब्रेक, जेब्रा क्रॉसिंग से आगे वहां खड़े करना, रेड लाइट पर भागना। ये आज के हिन्दुस्तानी, आम आदमी, सभ्य तबके के लोगों, भद्रजनों, कारपोरेट जगत के बिजनेस (tycoons) के लक्षण है।